Aai mhanuni koni | Yashawant | Marathi Kavita Aai | आई म्हणोनी कोणी

Aai mhanuni koni | आई म्हणोनी कोणी
Lyrics: Yashawant | यशवंत

आई म्हणोनी कोणी,
आईस हाक मारी
ती हाक येई कानी,
मज होय शोककारी

नोहेच हाक माते,
मारी कुणी कुठारी
आई कुणा म्हणू मी?
आई घरी न दारी

चारा मुखी पिलांच्या
चिमणी हळूच देई
गोठ्यात वासरांना
ह्या चाटतात गाई
वात्सल्य हे बघुनी
व्याकूळ जीव होई

येशील तू घराला
परतून केधवा गे?
रुसणार मी न आता
जरी बोलशील रागे
आई कुणा म्हणू मी,
आई घरी न दारी
स्वामी तिन्ही जगाचा
आईविना भिकारी

यशवंत दिनकर पेंढरकर

What do you think?

0 points
Upvote Downvote

Total votes: 2

Upvotes: 1

Upvotes percentage: 50.000000%

Downvotes: 1

Downvotes percentage: 50.000000%

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

MKS Comments

comments

Unch Unch Majha Jhoka | Indira Sant | Marathi Kavita

ती गेली तेव्हा (Ti Geli Tevha by Grace)